अरसों बाद, कईं बरसों बाद
फिर एक मुलाक़ात
एक पहचानी सी मुस्कान
पहचानी सी हँसी
पर आज.... मेरी अलग, उनकी अलग
धुंधले हुए बादल, भीगे हुए पेड
उलझे हुए दिल, सुलझी हुई बातें
बातों में ठंडी होती गरम चाय की प्याली
पर आज.... मेरी अलग, उनकी अलग
धीमे से खुलती यादें
यादों को रोकती, टिकटिकाती घड़ी
अचानक बरसता पानी
हडबडी-गडबडी में खुलता हुआ छाता
पर आज.... मेरा अलग, उनका अलग
अगली मुलाक़ात का उड़ता हुआ वादा
अच्छेखासे थमें लम्हों को
आगे धकेलता रास्ता
पर आज.... मेरा अलग, उनका अलग
- ab
फिर एक मुलाक़ात
एक पहचानी सी मुस्कान
पहचानी सी हँसी
पर आज.... मेरी अलग, उनकी अलग
धुंधले हुए बादल, भीगे हुए पेड
उलझे हुए दिल, सुलझी हुई बातें
बातों में ठंडी होती गरम चाय की प्याली
पर आज.... मेरी अलग, उनकी अलग
धीमे से खुलती यादें
यादों को रोकती, टिकटिकाती घड़ी
अचानक बरसता पानी
हडबडी-गडबडी में खुलता हुआ छाता
पर आज.... मेरा अलग, उनका अलग
अगली मुलाक़ात का उड़ता हुआ वादा
अच्छेखासे थमें लम्हों को
आगे धकेलता रास्ता
पर आज.... मेरा अलग, उनका अलग
- ab
Beautifully expressed👌👌👌
ReplyDeletethanks :-)
DeleteBeautifully expressed👌👌👌
ReplyDeleteWow
ReplyDeleteWow
ReplyDelete:-)
Deletekhup sunder..wawa
ReplyDeleteSundar 👌
ReplyDelete:-)
DeleteGood one AB.
ReplyDeletethank you :-)
DeleteWahhhhh... Zakkas na mitra
ReplyDelete:-)
DeleteEk number....
ReplyDeletethanks :-)
DeleteSuperb Abhi da, beautiful!
ReplyDeletethanks :-)
DeleteKadak...mast.
ReplyDelete:-)
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